Tuesday, November 15, 2011

उत्तर प्रदेश में नवीन राजनीतिक समीकरण !

आगामी वर्ष चुनावी द्वंध का वर्ष होगा, इस सन्दर्भ में उत्तर प्रदेश पर देश भर के नजर होगी। लाख टके का प्रश्न हें के मायावती अपना ब्रह्मण-दलित घटजोड़ का जादू पुनः चला पाएंगी या नहीं ? हमारा ध्यये आपका मत जानने का है कृपया कमेन्ट पोस्ट करे।

Sunday, November 13, 2011

कहा जाता है की अत्याचार करने वाले से ज्यादा अत्याचार सहने वाला पापी होता है , परन्तु वास्तविकता में एसा नहीं है क्योकि अत्याचार सहने वाला या आतंकित मनुष्य इतना भय ग्रस्त हो जाता है की उसकी प्रतिरोध क्षमता शून्य हो जाती है हमारी राय में अत्याचार करने वाले से ज्यादा अत्याचार सहने वाला पापी नहीं होता है बल्कि अत्याचार होते हुए देखने वाला ज्यादा पापी होता है


दलितों की दुश्मन नंबर एक दारू(शराब) है .