Sunday, November 13, 2011

कहा जाता है की अत्याचार करने वाले से ज्यादा अत्याचार सहने वाला पापी होता है , परन्तु वास्तविकता में एसा नहीं है क्योकि अत्याचार सहने वाला या आतंकित मनुष्य इतना भय ग्रस्त हो जाता है की उसकी प्रतिरोध क्षमता शून्य हो जाती है हमारी राय में अत्याचार करने वाले से ज्यादा अत्याचार सहने वाला पापी नहीं होता है बल्कि अत्याचार होते हुए देखने वाला ज्यादा पापी होता है


दलितों की दुश्मन नंबर एक दारू(शराब) है .

3 comments:

raju said...
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raju said...

dalito ki patit avshtha ka karan sharab hi hai . dalit samaj ka shoshan sharab se hi hua hai . jab tak log sharab nahi tyange tab tak sukh shanti ki sthapna nahi hogi.

Anonymous said...

han janab sharab hai kharab.